प्रशासन की लापरवाही से वरोरा में जलप्रलय, बिजली संकट का बढ़ा खतरा!
वरोरा (विशेष प्रतिनिधि):
एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि मामूली बारिश भी प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख देती है। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर वरोरा के जुना तुळाणा रोड पर स्थित महावितरण के 33/11 के.वी. वणी बायपास उपकेंद्र के सामने देखने को मिल रहा है। यहाँ की मुख्य सड़क इस मानसून में पूरी तरह से 'नदी' में तब्दील हो चुकी है।
कमरभर पानी में जान जोखिम में डालने को मजबूर जनता और कर्मचारी
मूसलाधार बारिश के चलते सड़क पर घुटनों से लेकर कमर तक गंदा और बदबूदार पानी भर गया है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि 24 घंटे जनता की सेवा में तैनात रहने वाले महावितरण के कर्मचारियों, स्थानीय किसानों और आम नागरिकों को इस उफनते पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। राहगीरों के लिए यह मार्ग किसी मौत के कुएं से कम नहीं रह गया है।
लापरवाही की भेंट चढ़ी ड्रेनेज व्यवस्था
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क किनारे बनी नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण यह नौबत आई है। नालियों का गंदा पानी उफान मारकर मुख्य सड़क और पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे यह बेहद महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बाधित हो चुका है।
"हर साल मानसून में हमारी यही दुर्दशा होती है। प्रशासन सिर्फ खोखले आश्वासन देता है, पानी निकासी का कोई स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया। जब तक नालियों को चौड़ा और गहरा नहीं किया जाएगा, यह समस्या जस की तस रहेगी।"
- स्थानीय नागरिक
अंधेरे में डूब सकता है पूरा वणी बायपास-वरोरा क्षेत्र!
यह सिर्फ जलजमाव की समस्या नहीं है, बल्कि एक बड़े संकट की आहट है। बिजली उपकेंद्र के ठीक सामने और आसपास भारी मात्रा में पानी जमा होने से 'महावितरण 33/11 के.वी. उपकेंद्र' पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है। अगर पानी उपकेंद्र के भीतर दाखिल हुआ, तो पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। ऐसे में अस्पताल, पानी की टंकियां और हजारों घर कई दिनों के लिए अंधेरे में डूब सकते हैं।
जनता और कर्मचारियों ने खोला मोर्चा: PWD से तुरंत समाधान की मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों और महावितरण के कर्मचारियों ने एकजुट होकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या अनहोनी का इंतजार कर रहा है क्या? ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
नागरिकों की प्रशासनिक अधिकारियों से सीधी अपील:
यह समस्या कोई नई नहीं है, वर्षों पुरानी है। प्रशासन की यह सुस्ती वरोरा की जनता पर भारी पड़ रही है। अभी मानसून का लंबा दौर बाकी है, इसलिए प्रशासन को बिना समय गंवाए:
- नालियों की तुरंत सफाई करवाकर उन्हें गहरा और चौड़ा करना चाहिए।
- सड़क का स्तर ऊंचा कर एक मजबूत और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना चाहिए।
समय रहते ठोस कदम उठाइए, वरना जनता का यह आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है!

