ड्रग्स तस्करों को 'रूम सर्विस' बनकर दबोचा! रामनगर पुलिस का फिल्मी स्टाइल ऑपरेशन

MD ड्रग्स के साथ दो तस्कर रंगेहाथ गिरफ्तार
‘रूम सर्विस’ का बहाना बनाकर पुलिस ने की स्मार्ट कार्रवाई!



चंद्रपुर : रामनगर पुलिस ने सूचना के आधार पर शहर के सुपर लॉज में छापेमारी कर दो ड्रग तस्करों को मेफेड्रोन (एमडी) के साथ मौके पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी युवकों पर ‘रूम सर्विस’ का बहाना बनाकर दबिश दी, जिससे उन्हें किसी प्रकार का शक नहीं हो सका।

पुलिस को गुप्त मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिला परिषद कार्यालय के सामने स्थित सुपर लॉज के कमरा नंबर 25 में दो युवक मेफेड्रोन बेचने के इरादे से ठहरे हुए हैं। इस सूचना पर रामनगर थाना प्रभारी प्रभावती एकुरके ने पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी को अवगत कराया। एसपी के निर्देश पर उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले की लिखित अनुमति से विशेष रेड टीम गठित की गई।

रेड टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपी युवकों द्वारा पुलिस की आहट पाकर फरार होने की थी। इस स्थिति से निपटने के लिए हवलदार आनंद खरात ने होटल स्टाफ की तरह “रूम सर्विस” कहकर कमरे का दरवाजा खटखटाया। आरोपियों ने बिना किसी संदेह के दरवाजा खोला और पुलिस ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया।


बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्दुल गफ्फार और रोहन मुकुंदराव रोह के रूप में हुई है। उनके कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:

मेफेड्रोन (एमडी) : 22.22 ग्राम (कीमत लगभग 3,20,000 रुपये)

दो मोबाइल फोन : लगभग 36,000 रुपये

एक लग्जरी कार : लगभग 7,66,700 रुपये

कुल बरामद माल की अनुमानित कीमत : 11,22,700 रुपये

अधिकारियों एवं टीम की भूमिका

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातखड़े, उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले तथा थाना प्रभारी प्रभावती एकुरके के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

अपराध खोज पथक के सदस्य शिवाजी नागवे, हनुमान उगले, कृष्णा दराडे, आनंद खरात, शरद कुडे, जितेंद्र आकरे, राम नैताम, बाबा नैताम, प्रकाश बल्की, पंकज पोंडे, प्रकाश मडावी, संदीप गेडाम, प्रफुल पप्पुलवार, सुरेश कोरवार, पंकज ठोंबरे, रविकुमार, मनीषा मोरे, ब्यूटी साखरे सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने इस सफल कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 22(ब), 29 तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बरामद ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हुई है।

रामनगर पुलिस का यह ऑपरेशन युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और माफिया पर शिकंजा कसने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है।
---

Previous Post Next Post