चंद्रपुर महानगरपालिका में BJP का खुला आंतरिक युद्ध! मुनगंटीवार vs जोरगेवार समर्थकों में धक्का-मुक्की, महापालिका परिसर में तनाव!

चंद्रपुर महानगरपालिका में BJP का खुला आंतरिक युद्ध!  
मुनगंटीवार vs जोरगेवार समर्थकों में धक्का-मुक्की, महापालिका परिसर में तनाव!



चंद्रपुर, ३ जुलै २०२६: सत्ता के लिए BJP में घमासान! माजी मंत्री आमदार सुधीर मुनगंटीवार और आमदार किशोर जोरगेवार के समर्थक नगरसेवकों के बीच महापालिका कार्यालय में जमकर धक्का-मुक्की हुई। शाब्दिक चकमक तेजी से धक्का-मुक्की में बदल गई, जिससे पूरे परिसर में भारी तनाव व्याप्त हो गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बीच - बचाव करना पड़ा।

शुक्रवार को महापालिका की सर्वसाधारण सभा होनी थी, लेकिन महापौर संगीता खांडेकर ने गुरुवार को ही अचानक सभा रद्द कर दी। काँग्रेस गटनेता पद से जुड़े न्यायालयीन मामले और स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति पर मुंबई उच्च न्यायालय की स्थगिती का हवाला देते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया।


जोरगेवार समर्थक नगरसेवक इस फैसले पर भड़क उठे। उन्होंने आयुक्त अनुकुरी नरेश के दफ्तर का घेराव किया, ठिय्या आंदोलन शुरू किया और नगरसचिव को निलंबित करने की मांग की। इसके बाद महापौर के दफ्तर के सामने पहुंचकर उन्होंने स्वपक्षीय महापौर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कुछ नगरसेवकों ने भजन मंडली के साथ अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन भी किया।

मामला हाथापाई तक पहुंचा  
ठीक इसी दौरान मुनगंटीवार समर्थक नगरसेवक महापालिका पहुंचे। दोनों गुट आमने-सामने होते ही पहले शाब्दिक वाद-विवाद शुरू हुआ, जो पल भर में धक्का-मुक्की में बदल गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। सुरक्षा गार्ड और पुलिस बल की त्वरित कार्रवाई से किसी बड़े हादसे को टाला गया।

गटनेता बदलने की मांग तेज  
महापालिका सभागृह नेत्या जयश्री जुमडे ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण से मुलाकात कर गटनेता शेखर शेट्टी   को पद से हटाने की मांग करेंगी।



शेखर शेट्टी के नेतृत्व में मुनगंटीवार समर्थक नगरसेवकों ने आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए सभा रद्द करने के फैसले को पूरी तरह गैरकानूनी   बताया। उन्होंने कहा, “न्यायालय ने केवल एक विषय पर स्थगिती दी थी, बाकी सभी विषयों पर चर्चा हो सकती थी। महाराष्ट्र महापालिका अधिनियम में सभा को पूरी तरह रद्द करने का कोई प्रावधान नहीं है।”

शेट्टी ने आगे कहा कि पाणी, सफाई, सड़कें और विकास कार्य जैसे जनहित के मुद्दे लंबित थे। एक विषय की आड़ में पूरी सभा रद्द करना शहर की प्रगति के साथ खिलवाड़ है।

BJP में सत्ता संघर्ष खुला  
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति से शुरू हुआ विवाद अब दो दिग्गज नेताओं के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व इस बार किसकी सुनता है और शिस्तभंग की कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर पूरे चंद्रपुर का ध्यान टिका हुआ है।

शहरवासी परेशान  
नागरिकों का कहना है कि सत्ताधारी दल के अंदरूनी कलह की वजह से शहर का विकास कार्य ठप पड़ गया है। महापालिका की कार्यवाही कब सामान्य होगी, इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।


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