बच्चा बिक्री कांड में सनसनी: भाजपा की युवती महामंत्री समेत दो महिला कार्यकर्ता गिरफ्तार! रामनगर पुलिस की धड़ाकेदार कार्रवाई, चंद्रपुर भाजपा में हड़कंप!

चंद्रपुर बाल तस्करी कांड में नया मोड़: भाजपा की दो कट्टर महिला कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, सियासी भूचाल!

रामनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध नवजात बिक्री को 'कानूनी जामा' पहनाने वाली सायली येरणे और भाग्यश्री हांडे गिरफ्तार!


चंद्रपुर: पैसों के लालच में नवजात शिशु की बिक्री के घिनौने मामले ने अब चंद्रपुर की राजनीति को झकझोर दिया है। रामनगर पुलिस ने बुधवार को इस मामले में भाजपा की दो कट्टर महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक महिला चंद्रपुर भाजपा की युवती महामंत्री भी बताई जा रही है।

दोनों आरोपी भाग्यश्री हांडे   और सायली येरणे   आमदार किशोर जोरगेवार   की समर्थक मानी जाती हैं। उनकी गिरफ्तारी से भाजपा के स्थानीय गलियारों में भारी खलबली मच गई है।

 पुलिस की बड़ी सफलता
मई महीने में दर्ज जीरो एफआईआर     के आधार पर उजागर हुए इस नवजात शिशु बिक्री प्रकरण में रामनगर पुलिस ने पहले ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। इनमें 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के आरोपी अजय फुलझेले (पीड़िता की मां का प्रेमी), पीड़िता की मां और बेबी खरीदने वाली दो महिलाएं शामिल थीं।



लगभग एक महीने की गहन तकनीकी और गुप्त तपास के बाद पुलिस को नई बड़ी सफलता हाथ लगी। बुधवार को भाग्यश्री हांडे   और सायली येरणे   को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, इन दोनों महिला कार्यकर्ताओं ने अवैध बच्चा बिक्री के सौदे को कानूनी जामा पहनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे साक्षीदार बनकर इस गंभीर अपराध को वैध रूप देने की कोशिश में शामिल थीं।

 राजनीतिक हलचल तेज
दोनों आरोपी आमदार किशोर जोरगेवार के करीबी गुट से जुड़ी हुई हैं। खासकर भाग्यश्री हांडे हाल ही में शिवसेना (शिंदे गुट) के टिकट पर मनपा चुनाव लड़ चुकी हैं और बाद में भाजपा में वापस लौटी थीं। उनकी गिरफ्तारी जोरगेवार गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

रामनगर पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस सटीक और निडर कार्रवाई की शहर भर में चौतरफा प्रशंसा हो रही है। पुलिस की टीम मानव तस्करी के इस नेटवर्क की गहराई तक जांच कर रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

यह मामला चंद्रपुर में भाजपा के आंतरिक कलह को भी उजागर करता है, जहां पहले ही जिल्ला ग्रामीण कार्यकारिणी भंग होने से तनाव बना हुआ था।

चंद्रपुर बाल तस्करी कांड   अब सिर्फ अपराध का नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति का सबसे चर्चित और संवेदनशील मुद्दा बन गया है। आगे की जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


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