चंद्रपुर प्रदूषण पर विधानसभा में मुनगंटीवार का तीखा हमला!
उद्योगों पर सख्त कार्रवाई के साफ संकेत, पंकजा मुंडे का बड़ा ऐलान
चंद्रपुर (मुंबई) २६ जून : चंद्रपुर के बढ़ते प्रदूषण ने विधानसभा में तूफान खड़ा कर दिया। माजी मंत्री और बल्लारपुर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार पर लगातार दबाव बनाते हुए आक्रामक रुख अपनाया। कोल वॉशरी, कोयला खदान, सीमेंट फैक्टरियों और थर्मल पावर प्लांट्स से निकल रहे जहरीले धुएं और धूल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूरे सदन का ध्यान खींचा।
मुनगंटीवार के इस आक्रामक तेवर के आगे पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे को जवाब देना पड़ा। मंत्री ने न सिर्फ मुद्दे की गंभीरता स्वीकार की, बल्कि उद्योगों पर कठोर कार्रवाई के मजबूत संकेत भी दिए।
मंत्री मुंडे का सख्त रुख
पंकजा मुंडे ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रपुर जैसे अतिप्रदूषित क्षेत्र के लिए शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म गोल्स वाला अलग प्रदूषण नियंत्रण आराखड़ा तैयार किया गया है। यह आराखड़ा चंद्रपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगा।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“नागरिकों का स्वास्थ्य मेरे लिए सबसे ऊपर है। मैंने खुद चंद्रपुर का दौरा किया, उद्योगों और प्रभावित गांवों को देखा। प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर है।”
तुरंत कार्रवाई
महामाया कोल वॉशरी को तुरंत क्लोजर नोटिस जारी करने के निर्देश।
प्रदूषण सुनावणी में उद्योग हाजिर न होने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति सक्रिय।
उद्योगों को समिति के आदेश मानने होंगे, अन्यथा सख्ती बरती जाएगी।
और भी बड़े कदम
मंत्री मुंडे ने आगे बताया कि:
सभी थर्मल पावर प्लांट्स का विशेष प्रदूषण ऑडिट कराया जाएगा।
फ्लाई ऐश प्रबंधन, कोयले की धूल और वाहन परिवहन पर सख्त नियंत्रण।
जरूरी प्लांट्स में FGD सिस्टम अनिवार्य रूप से लगेगा।
बैंक गारंटी राशि बढ़ाने के लिए समिति गठित की जाएगी, जिसमें लोकप्रतिनिधि, आईआईटी पवई के विशेषज्ञ और स्वच्छ तकनीक वाले उद्योगपति शामिल होंगे।
प्रभावित क्षेत्रों में हरित पट्टा (ग्रीन बेल्ट), वनीकरण और जरूरी पुनर्वास की तैयारी।
मंत्री ने साफ कहा कि उद्योग बंद करना मकसद नहीं है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के लिए उद्योगों को खुद निवेश करना होगा और रोजगार बचाते हुए स्वच्छ उत्पादन सुनिश्चित करना होगा।
सदन में गरमा-गरमी
इस लक्ष्यवेधी चर्चा के दौरान आदित्य ठाकरे, नाना पटोले, किशोर जोरगेवार, राजेश पवार और अन्य विधायकों ने भी सक्रिय भाग लिया।
चंद्रपुरवासियों के लिए राहत की खबर!
सुधीर मुनगंटीवार की आक्रामक पैरवी और पंकजा मुंडे की सख्ती से अब चंद्रपुर में प्रदूषण पर लगाम कसने की उम्मीद जगी है। औद्योगिक विकास और स्वच्छ पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की यह कोशिश चंद्रपुर के भविष्य को बेहतर बना सकती है।
अब देखना यह है कि घोषणाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं।
