600 करोड़ रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज को धूल फांकने नहीं दूँगी
“पानी का बहाना बंद करो, 10 ट्यूबवेल खोदकर चरणबद्ध तरीके से शुरू करो कॉलेज”
— सांसद प्रतिभा धानोरकर
चंद्रपुर: 600 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से तैयार हुए कर्मवीर मा. सा. कन्नमवार शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय की आधुनिक इमारतें और करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनरी फिलहाल धूल-धक्कड़ में पड़ी सड़ रही हैं। इस बर्बादी को रोकने के लिए सांसद प्रतिभा धानोरकर ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सांसद प्रतिभा धानोरकर ने स्पष्ट कहा:
“600 करोड़ रुपये की लागत से बने 'कर्मवीर मा. सा. कन्नमवार सरकारी मेडिकल कॉलेज' की इमारतों और अत्याधुनिक मशीनों को धूल फांकने नहीं दूँगी। जब तक पानी की आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक 10 ट्यूबवेल खुदवाएँ और चरणबद्ध तरीके से कॉलेज का संचालन शुरू करें।”
उन्होंने कहा कि पानी की समस्या पूरी तरह हल होने में अभी एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। इतने लंबे इंतजार में लाखों रुपये की संपत्ति खराब हो जाएगी, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
सुरक्षा और जनसुविधा पर भी जोर
केवल पानी का मुद्दा ही नहीं, खासदार धानोरकर ने कॉलेज परिसर की अन्य गंभीर समस्याओं पर भी प्रशासन को चेतावनी दी।
- - परिसर में कुछ नशेड़ी युवकों द्वारा महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने तुरंत पुलिस चौकी स्थापित करने और नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है।
- - कॉलेज शहर से दूर होने के कारण गरीब मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इसलिए उन्होंने अधिकृत बस स्टॉप बनाने और सुबह 2, दोपहर 1 तथा शाम 2 बस फेरियां शुरू करने का सुझाव दिया।
दौरा और उपस्थिति
खासदार प्रतिभा धानोरकर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज परिसर का विस्तृत निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान अधिष्ठाता डॉ. मिलिंद कांबळे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी, नगरसेवक और अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सासंद प्रतिभा धानोरकर का यह दौरा और उनके सख्त सुझाव स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में हैं। आम नागरिकों और छात्रों में अब यह उम्मीद जागी है कि प्रशासन उनकी इन मांगों पर जल्द से जल्द अमल करेगा और चंद्रपुर को एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल सकेगी।
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