चंद्रपूर पुलिस का सख्त तेवर! 293 गो-तस्करों पर मकोका का शिकंजा!

चंद्रपूर पुलिस का सख्त तेवर! 293 गो-तस्करों पर मकोका का शिकंजा, लेकिन नागरिकों ने उठाए बड़े सवाल?



चंद्रपूर : चंद्रपूर जिला पुलिस ने अवैध गो-तस्करी के खिलाफ बड़ा एक्शन दिखाते हुए २९३ सराईत गो-तस्करों को पुलिस मुख्यालय बुलाकर "पहचान परेड व प्रतिबंधात्मक कारवाई कैंप" का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपानी के सीधे मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में तस्करों को मकोका लगाने, संपत्ति जब्त करने और वाहन राजसात करने की कड़ी चेतावनी दी गई।



पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े ने कैंप में उपस्थित सभी गुन्हेगारों को साफ-साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अब गो-तस्करी में साधारण कलमे नहीं लगेंगी।

मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सीधी कार्रवाई होगी, जिसके चलते जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा, लंबी जेल और अवैध कमाई से हासिल संपत्ति जब्त की जाएगी। तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी सरकार में जब्त (राजसात) कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक नोपानी ने कहा,
> “चंद्रपूर पुलिस अवैध गो-तस्करी को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। आज हाजिर २९३ सराईत तस्कर हमारे रडार पर हैं। भविष्य में कोई भी गलत कदम उठाने वालों पर बिना किसी रियायत के मकोका लगाकर कार्रवाई की जाएगी।”


नागरिकों की प्रतिक्रिया – सराहना के साथ सवाल
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई की जिले के नागरिकों ने खुलकर सराहना की है। अधिकांश लोगों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया।

हालांकि, आम जनता ने एक साथ कुछ गंभीर सवाल भी उठाए हैं। कई नागरिकों का कहना है:
  • > “हम गो-तस्करों पर मकोका की कार्रवाई की पूरी सराहना करते हैं, लेकिन अवैध रेत उत्खनन, अवैध सुगंधित तंबाखू-गुटखा और MD ड्रग्स के माफियाओं पर मकोका की कार्रवाई कब होगी?
  • > कब चंद्रपूर जिला अपराध मुक्त बनेगा? अपराधियों के दिल में पुलिस का डर कब दिखेगा?
  • > हम नए पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपानी से पूरे जिले में निष्पक्ष और बड़ी कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं।”

नागरिकों की मांग है कि पुलिस को केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर जिले के सभी बड़े संगठित अपराधों पर समान सख्ती बरतनी चाहिए।



सराहनीय भूमिका
इस विशेष कैंप को सफल बनाने में परिविक्षाधीन DSP कायंदे पाटील, DSP सदानंद खत्री, स्थानिक गुन्हे शाखा के इंस्पेक्टर अमोल काचोरे और सभी उपविभागीय अधिकारियों ने उल्लेखनीय कार्य किया।

चंद्रपूर पुलिस की इस मुहिम से जिले में अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ने की उम्मीद है, लेकिन जनता अब पूरे जिले को अपराध मुक्त बनाने वाली ठोस और व्यापक कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
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