खासदार प्रतिभा धानोरकर की मध्यस्थता से भंते रत्नमणी थेरो का आमरण अनशन समाप्त!
घुग्घुस के बौद्ध विहार और बोधिवृक्ष का मुद्दा सुलझा, कंपनी बनाएगी नया भव्य विहार!
घुग्घुस (चंद्रपुर) : शांतिनगर स्थित बोधिसत्व बुद्ध विहार और पवित्र बोधिवृक्ष को बचाने के लिए भंते रत्नमणी थेरो के नेतृत्व में पिछले 10 दिनों से चल रहा आमरण अनशन गुरुवार को सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। खासदार प्रतिभा धानोरकर ने स्वयं अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से विस्तृत चर्चा की। उनकी सफल मध्यस्थता और प्रशासन तथा लॉयड्स कंपनी के सकारात्मक रुख के बाद भंते रत्नमणी थेरो ने खासदार के हाथों नारियल पानी पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
इस विवाद का स्थायी समाधान निकल आया है। लॉयड्स घुग्घुस कंपनी की ओर से 2,000 वर्ग फुट जगह पर भव्य और सुसज्ज नए बुद्ध विहार का निर्माण करवाया जाएगा। कंपनी प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि नए विहार का निर्माण पूरा होने तक मौजूदा पुराना विहार नहीं तोड़ा जाएगा।
नए बुद्ध विहार के तैयार होने के बाद वहां पूरी धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान बुद्ध की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। साथ ही नए परिसर में पवित्र बोधिवृक्ष का रोपण कर उसका संरक्षण और संवर्धन करने की पूरी जिम्मेदारी लॉयड्स कंपनी ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार की है।
खासदार प्रतिभा धानोरकर के सक्रिय हस्तक्षेप से नाराज बौद्ध समाज और आंदोलनकारियों में संतोष का माहौल बन गया है। अनशनकारियों ने खासदार का आभार व्यक्त किया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर घुग्घुस नगरपरिषद की नगराध्यक्ष दीप्ती सोनटक्के, ठाणेदार राऊत, नायब तहसीलदार खंडाळे, नगरपरिषद उपाध्यक्ष राजू रेड्डी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुंदा जेणेकर, अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष सोहेल रजा, तालुका कांग्रेस अध्यक्ष अनिल नरुले समेत कई नगरसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में बौद्ध समुदाय के लोग मौजूद थे।


