महाविद्यालय परिसर अमली पदार्थ मुक्त बनाने की मुहिम...
एसपी आयुष नोपानी की अध्यक्षता में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न!
चंद्रपुर, 1 अगस्त: जिला पुलिस प्रशासन ने महाविद्यालयीन युवाओं को अमली पदार्थों के जाल से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी की अध्यक्षता में जिले के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय परिसर और छात्रों के बीच अमली पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति व्यापक जनजागृति फैलाना तथा जिले को पूरी तरह अमली पदार्थ मुक्त बनाना था।
बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों को सुरक्षा मंत्र पुस्तिका वितरित की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अमली पदार्थ माफियाओं पर पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने सभी महाविद्यालयों, प्राध्यापकों और अभिभावकों से इस मुहिम में सक्रिय सहयोग की अपील की।
जनजागृति और नियमित काउंसलिंग पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि महाविद्यालयीन युवाओं को अमली पदार्थों के चंगुल से बचाने के लिए व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जाएगा। छात्रों को व्यसन की ओर न बढ़ने देने के लिए नियमित समुपदेशन सत्र और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हॉटस्पॉट्स की पहचान और कड़ी कार्रवाई
महाविद्यालय परिसर तथा अन्य क्षेत्रों में अमली पदार्थों की खरीद-बिक्री होने वाले संदिग्ध स्थानों (हॉटस्पॉट्स) की तुरंत पहचान कर उन पर कड़ी और प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्राचार्यों के सुझाव
बैठक के दौरान प्राचार्यों ने छात्रों में व्यसन की शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचाना जाए, संभावित व्यसन की पहचान कर समय रहते मदद कैसे पहुंचाई जाए, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने अनुभव और व्यावहारिक सुझाव रखे। पुलिस प्रशासन ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया।
समन्वय से जड़ से उखाड़ने का संकल्प
सभी विभागों के समन्वय से जिले से अमली पदार्थों का जाल जड़ से उखाड़ फेंकने का दृढ़ संकल्प बैठक में व्यक्त किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपानी, पुलिस निरीक्षक श्री अमोल काचोरे (स्थानीय गुन्हे शाखा), सहायक पुलिस निरीक्षक प्रज्ञा वाडेकर (भरोसा सेल), दामिनी पथक तथा साइबर पुलिस स्टेशन के अधिकारी शामिल हुए। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के 52 प्राचार्य भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह मुहिम केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगी। निरंतर निगरानी, जागरूकता और कड़ी कार्रवाई के जरिए चंद्रपूर के युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने का प्रयास जारी रहेगा।


