केरला एक्सप्रेस में टीटीई पर हमला, अवैध वेंडरों पर सख्त कार्रवाई की मांग
ZRUCC सदस्य अजय दुबे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र, हर ट्रेन में हथियारबंद सुरक्षा बल तैनात करने की उठाई मांग
चंद्रपुर | प्रतिनिधि
मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में टिकट जांच अधिकारियों (टीटीई) की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 11 जुलाई को 12625 केरला एक्सप्रेस में बल्लारशाह से नागपुर के बीच ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ टीटीई अश्विनी कुमार लांजेवार पर एक कथित अवैध वेंडर द्वारा किए गए हमले ने रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ZRUCC (रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति) के सदस्य एवं नमो पैसेंजर वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय दुबे ने रेल मंत्री **** को पत्र भेजकर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अजय दुबे ने कहा कि टीटीई कर्मचारी प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर टिकट जांच, यात्री मार्गदर्शन और रेलवे राजस्व बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके बावजूद उन पर यात्रियों और अवैध वेंडरों द्वारा लगातार हमले और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक हैं।
रेल मंत्री से की गई प्रमुख मांगें
- हमले में शामिल कथित अवैध वेंडर, उसके संचालक तथा संरक्षण देने वाले संबंधित RPF, GRP और कमर्शियल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- रनिंग ट्रेनों में अवैध वेंडिंग पर पूर्ण रोक लगाने के लिए तत्काल प्रभावी अभियान चलाया जाए।
- प्रत्येक ट्रेन में टीटीई की सुरक्षा के लिए RPF अथवा महाराष्ट्र सुरक्षा बल के कम से कम दो हथियारबंद जवान तैनात किए जाएं।
अजय दुबे ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हमलों की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे रेलवे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा और यात्री सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि टीटीई जैसी फ्रंटलाइन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब सभी की निगाहें रेल मंत्रालय पर हैं कि इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

