चंद्रपुर शहर थाने में दिल दहला देने वाली दुखद घटना!
पूछताछ के दौरान जहर पीकर दिलीप यादव की असामयिक मौत, परिवार का गहरा दर्द और पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप...
चंद्रपुर (महाराष्ट्र), 18 जुलाई 2026 — एक छोटे से परिवार की पूरी दुनिया अचानक उजड़ गई। चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक दिलीप यादव (निवासी: रैयतवारी कॉलरी) ने थाने के भीतर ही जहर पी लिया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे चंद्रपुर शहर को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया है।
परिवार की चीख और दर्द
दिलीप यादव के भाई का कहना है कि 15 जुलाई को भियापुर वार्ड से गांजा बरामदगी के मामले में उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पूछताछ के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिवार का आरोप है कि थाने में मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद मजबूर होकर दिलीप ने यह कदम उठाया।
मौत से पहले दिलीप ने एक वीडियो संदेश भी छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा और स्थिति को लेकर गहरी व्यथा व्यक्त की थी। परिवार अब न्याय की आस लगाए रो रहा है और पूछ रहा है — “थाने में हमारे बच्चे के साथ आखिर क्या हुआ, जिसने उसे इतना मजबूर कर दिया?”
पुलिस का पक्ष और जांच की प्रक्रिया
पुलिस इस घटना को आत्महत्या बता रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चंद्रपुर जिले के पुलिस अधीक्षक ने खुद संज्ञान लिया है। उन्होंने पूरे मामले को अत्यंत पारदर्शिता के साथ जांचने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम:
- विशेष दंडाधिकारी की देखरेख में इनक्वेस्ट पंचनामा पूरा किया गया।
- मेडिकल बोर्ड द्वारा शव-परीक्षण (पोस्टमॉर्टम) कराया गया।
- आगे की गहन जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) को सौंप दी गई है।
समाज के उठते सवाल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं — थाने में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी? पूछताछ के दौरान क्या अनुचित दबाव बनाया गया? अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा?
स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और परिजन निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। CID की रिपोर्ट से ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं
दिलीप यादव के परिवार के इस असहनीय दर्द में हम पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं। किसी भी मां-बाप, भाई-बहन के लिए अपना जवान बेटा/भाई इस तरह खोना अकल्पनीय पीड़ा है। ऐसी घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं और व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं।
प्रशासन से अपील है कि इस मामले की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य निर्दोष परिवार को इस तरह का दर्द न उठाना पड़े।
शोक संतप्त परिवार को सांत्वना।
ईश्वर उनके दर्द को सहन करने की शक्ति दे।

