⚫ चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन में सनसनीखेज भ्रष्टाचार कांड!
⚫ दो अभियंताओं पर निलंबन, ठेकेदार को क्लीन चिट? बड़े सवाल खड़े
चंद्रपुर : एशिया के सबसे बड़े थर्मल पावर स्टेशनों में शुमार Mahagenco के चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन में एक बार फिर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की चौंकाने वाली खबर सामने आई है। Mahagenco के अध्यक्ष एवं व्यवस्थापकीय संचालक श्री राधाकृष्णन बी. के हालिया दौर के दौरान यूनिट 8-9 के बॉयलर मेंटेनेंस से जुड़े कोल मिल ठेके में बरती गई गंभीर अनियमितताओं के आरोप में दो अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, निलंबित अभियंताओं में बॉयलर मेंटेनेंस के अधीक्षक अभियंता महेश पराते और कार्यकारी अभियंता निसार मोमिन शामिल हैं। Mahagenco मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई केंद्र में हलचल मचा रही है।
केवल दो अभियंताओं पर कार्रवाई, ठेकेदार बच गया?
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर कोल मिल ठेके में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुईं, तो ठेका देने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया? ठेके से जुड़े अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों टल गई? केंद्र के कई वरिष्ठ अधिकारी इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि सिर्फ दो अभियंताओं को बलि का बकरा बनाकर पूरा मामला दबाने की कोशिश की जा रही है या नहीं।
एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “ठेके में जो अनियमितताएं हुई हैं, वे सिर्फ दो इंजीनियरों के बस की बात नहीं थी। ऊपर तक की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था। फिर भी केवल दो लोगों पर कार्रवाई हो रही है।”
नया मुख्य अभियंता भी बच गए सवालों से
हाल ही में चंद्रपुर बिजली केंद्र के मुख्य अभियंता पद का कार्यभार संभालने वाले अनिल काठोये पर भी सवाल उठ रहे हैं। केंद्र में चर्चा है कि इतने बड़े घोटाले की भनक उन्हें कैसे नहीं लगी? Mahagenco के शीर्ष अधिकारी के दौर के दौरान हुई कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
अभी तक Mahagenco या चंद्रपुर केंद्र की ओर से निलंबन की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।
चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन का इतिहास
देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने वाला चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन पहले भी कई विवादों में रहा है। इस बार कोल मिल ठेके में हुए कथित भ्रष्टाचार ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि पावर स्टेशन जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठान में भ्रष्टाचार कैसे फल-फूल रहा है।
Mahagenco के उच्चाधिकारियों से अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों-ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
क्या Mahagenco भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिखाएगी या फिर मामला शांत हो जाएगा?
चंद्रपुर के बिजलीकर्मी और आमजन इस सवाल का जवाब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
