कंत्राटी कर्मचारियों के 7-8 महीने के बकाया मानधन पर सख्त एक्शन!
खासदार प्रतिभा धानोरकर का शासन स्तर पर तत्काल पाठपुरावा का आश्वासन
चंद्रपूर (महाराष्ट्र): स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के तहत चंद्रपूर जिले में दिन-रात मेहनत करने वाले तंत्राटी कर्मचारियों की बदहाली अब खासदार प्रतिभा धानोरकर के सिर पर चढ़ गई है। लंबे समय से लंबित 7-8 महीने के बकाया मानधन को लेकर आज वरोरा में खासदार प्रतिभा धानोरकर से मिले 'जिला परिषद पानी स्वच्छता व अन्य शासकीय कंत्राटी कर्मचारी संघ' के शिष्टमंडल को उन्होंने पूरा भरोसा दिलाया कि इस गंभीर मुद्दे पर शासन स्तर पर तुरंत पाठपुरावा किया जाएगा।
शिष्टमंडल ने खासदार को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पिछले तीन साल से ज्यादा समय से अथक सेवा दे रहे इन कर्मचारियों को नवंबर 2025 से अब तक का मानधन नहीं मिला है। नतीजतन, इन तमाम परिवारों पर भारी आर्थिक और मानसिक संकट आ गया है। नया खरीफ सीजन शुरू हो गया है, बच्चों के स्कूल-कॉलेज के एडमिशन, फीस, किताबें और रोजमर्रा का खर्च चलाना इनके लिए मुश्किल हो गया है। पिछले दिवाली पर भी मानधन न मिलने से इनकी दिवाली अंधेरे में गुजरी थी।
खासदार प्रतिभा धानोरकर ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा, "ये कर्मचारी ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई के frontline warriors हैं। इनके हक का पैसा रोके रखना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।"
खासदार का बड़ा आश्वासन:
- बकाया मानधन को तुरंत और एकमुश्त चुकाने के लिए शासन स्तर पर तत्काल पाठपुरावा।
- भविष्य में ऐसा विलंब न हो, इसके लिए बजट में अग्रिम फंड की व्यवस्था और स्थायी फंड/तंत्र बनाने का प्रस्ताव।
- किसी भी कर्मचारी पर तांत्रिक कारण या समिति रिपोर्ट के बहाने प्रतिकूल कार्रवाई न हो और उनके कंत्राट नियमित रूप से जारी रहें।
खासदार ने स्पष्ट कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर संबंधित मंत्रालय और प्रशासन के साथ खुद पाठपुरावा करेंगी और इन तमाम कर्मचारियों व उनके परिवारों को पूरा न्याय दिलाएंगी।
ग्रामीण विकास की बुनियाद रखने वाले इन मेहनती कर्मचारियों की आवाज अब सांसद प्रतिभा धानोरकर के माध्यम से विधानसभा और संसद तक गूंजने वाली है। उम्मीद है कि शासन इस बार वादों से आगे बढ़कर इन बकाया भुगतानों को जल्द से जल्द जारी कर इन परिवारों को राहत देगा।

