⚫ चंद्रपुर में भ्रष्टाचार पर प्रहार: दुय्यम निबंधक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
चंद्रपुर: भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने एक बार फिर रिश्वतखोर अधिकारियों को करारा झटका दिया है। चंद्रपुर के दुय्यम निबंधक मुद्रांक नोंद विभाग में तैनात दुय्यम निबंधक श्रेणी-1 मोहन चंद्रकांत शेट्टीवार को 16 जून को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता भद्रावती तहसील का रहने वाला है, जिसने अपने मालमत्ता के दस्तावेजों की नोंद के लिए चंद्रपुर के दुय्यम निबंधक कार्यालय में आवेदन किया था। मोहन शेट्टीवार ने दस्तावेज नोंद करने के एवज में प्रति रजिस्ट्री 2 हजार रुपये की दर से कुल 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। डाटा ऑपरेटर के माध्यम से रिश्वत की यह लेन-देन हो रही थी।
शिकायतकर्ता ने तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम ने पूरे मामले की गहन जांच की और जाल बिछाया। 16 जून को जब आरोपी रिश्वत की राशि ले रहा था, उसी समय भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
कार्रवाई की अगुवाई करने वाले अधिकारी
इस सफल कार्रवाई की अगुवाई पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, नागपुर डॉ. दिगंबर प्रधान ने की। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बावीसकर, पुलिस उप अधीक्षक अनिल जिट्टावार, पुलिस निरीक्षक सचिन धर्मेजवार और टीम के अन्य जांबाज सदस्यों — पोहवा हिवराज नेवारे, रविकांत इंगळे, विजेंद्र वाढई, पोशी अमोल सिडाम, राकेश जांभुळकर, प्रदीप ताळाम, सचिन गजबीये, महेश माहुर पवार, मपोशी मेघा मोहुर्ले, चापोशी सतिश सिडाम तथा संदीप कौरासे — ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
यह कार्रवाई आम नागरिकों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती प्रदान करती है। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के इस अभियान से कर्मचारियों में रिश्वतखोरी को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के मनोबल पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
मामले की आगे की जांच जारी है।
