बाघ का भयानक कहर: तेंदुपत्ता तोड़ने गईं चार महिलाओं की बाघ के हमले में मौत

⚫ बाघ का भयानक कहर: तेंदुपत्ता तोड़ने गईं चार महिलाओं की बाघ के हमले  में मौत



चंद्रपुर (सिंदेवाही तहसील): जंगल में रोजी-रोटी की तलाश में निकलीं चार मासूम महिलाओं पर बाघ ने इतना क्रूर हमला किया कि बचाव का कोई मौका ही नहीं मिला। सुबह के शांत वातावरण को चीरती हुई इस घटना ने पूरे जिले में दहशत का माहौल बना दिया है।

सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए जंगल में गई चार महिलाओं पर घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले इतना भीषण था कि चारों महिलाएँ मौके पर ही अपनी जान गँवा बैठीं। 

मृतक महिलाओं के नाम:
- कवडुबाई दादाजी मोहुर्ले (45 वर्ष)
- अनुबाई दादाजी मोहुर्ले (45 वर्ष)
- संगीता संतोष चौधरी (36 वर्ष)
- सुनिता कौशीक मोहुर्ले (33 वर्ष)

सभी महिलाएँ गुंजेवाही परिसर की निवासी थीं और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजाना जंगल में तेंदुपत्ता तोड़ने जाती थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिलाएँ सुबह से तेंदुपत्ता तोड़ने में व्यस्त थीं, तभी अचानक बाघ ने उन पर झपट्टा मारा। बचाव का कोई अवसर नहीं मिला और चारों महिलाएँ घटनास्थल पर ही शहीद हो गईं।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा पूरा कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। वन विभाग ने संबंधित बाघ को चिन्हित करने और उसे पकड़ने के लिए विशेष दल गठित कर दिया है।

इस घटना से गुंजेवाही और आसपास के गांवों में भय का माहौल छा गया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग की है। 

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल में न जाएं और सतर्क रहें। 

यह घटना जंगली जानवरों और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष की एक और दर्दनाक मिसाल बन गई है, जहां गरीब आदिवासी परिवार रोजी-रोटी के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।

अधिकारियों का बयान:  
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा, "हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।"

यह त्रासदी पूरे चंद्रपुर जिले को झकझोर कर रख गई है। प्रशासन अब बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और स्थानीयों को जागरूक करने की कवायद में जुट गया है।
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