⚫ चंद्रपुर में महिला खासदार का खुला अपमान!
⚫ प्रतिभा धानोरकर ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी तक्रार, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
चंद्रपुर, 20 अप्रैल 2026 : संसद की गरिमा पर सीधा हमला! चंद्रपुर की लोकसभा सांसद प्रतिभा धानोरकर ने आज जिला प्रशासन के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष के पास गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 20 अप्रैल को आयोजित शासकीय कार्यक्रम ‘राजमाता रानी हिराई जन्मोत्सव’ में प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझकर प्रोटोकॉल के सभी नियम तोड़े और एक महिला खासदार का सार्वजनिक अपमान किया।
सांसद धानोरकर ने अपने पत्र में लिखा कि केंद्र और राज्य सरकार के ‘ऑर्डर ऑफ प्रेसिडेंस’ के मुताबिक खासदारों को तय दर्जा और बोलने का क्रम होता है, लेकिन चंद्रपूर प्रशासन ने इसकी धज्जियां उड़ा दीं। जब वे मंच से संबोधन कर रही थीं, तभी जिला प्रशासन ने एक आमदार को वाजत-गाजत मंच पर बुला लिया। इससे पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया और खासदार को अपना भाषण अधूरा छोड़ना पड़ा।
सांसद ने इसे “तांत्रिक गलती” नहीं, बल्कि “पूर्वनियोजित साजिश” करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह एक लोकप्रतिनिधि को जानबूझकर अपमानित करने की साजिश थी।
पक्षपात का आरोप
प्रतिभा धानोरकर ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी और महानगरपालिका आयुक्त समेत संबंधित अधिकारियों ने सत्ताधारी पार्टी के दबाव में काम किया। निमंत्रण पत्र में नाम न होने वाले और किसी भी संवैधानिक पद पर न बैठे राजकीय कार्यकर्ताओं को मंच पर बुलाकर उन्हें खुलेआम हस्तक्षेप करने दिया गया। शासकीय खजाने से आयोजित यह कार्यक्रम अंततः एक खास राजकीय पार्टी का निजी मेला बनकर रह गया।
सांसद ने इसे “संसद के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात” बताया।
तुरंत कार्रवाई की मांग
प्रतिभा धानोरकर ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि इस गंभीर मामले को तुरंत संसद की "विशेषाधिकार समिति" को सौंप दिया जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों की सख्त जांच कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सेवा नियमों के तहत कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी लोकप्रतिनिधि के साथ ऐसा अपमान न हो सके और संसद की सर्वोच्च गरिमा बनी रहे।
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा रही है। संसदीय प्रोटोकॉल के उल्लंघन का यह मामला अब लोकसभा स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
