⚫ चंद्रपूर में महानगरपालिका स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों की संपत्ति कर (घरपट्टी) पूरी तरह माफ करने की मांग!
⚫ खासदार प्रतिभा धानोरकर ने आयुक्त से की जोरदार मांग
चंद्रपूर: चंद्रपूर शहर महानगरपालिका की स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है और कई स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए लोकसभा सांसद प्रतिभा धानोरकर ने एक क्रांतिकारी और दूरगामी कदम उठाया है। उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि महापालिका स्कूलों में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के अभिभावकों को संपत्ति कर से पूरी छूट दी जाए।
इस प्रस्ताव के लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा राहत मिलेगी और महापालिका स्कूलों को नई जान आएगी। प्रतिभा धानोरकर का मानना है कि निजी स्कूलों के बढ़ते प्रभाव के कारण सरकारी स्कूलों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब हो रही है। कई स्कूलों में छात्रों की कमी इतनी हो गई है कि वे बंद होने की आशंका में हैं।
मुख्य मांग क्या है?
- - जो अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश महानगरपालिका की स्कूल में निश्चित करेंगे, उनसे सालाना संपत्ति कर (घरपट्टी) नहीं वसूला जाए।
- - यह छूट केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर पहुंचे बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
- - इससे अभिभावकों का रुझान फिर से सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ेगा और स्कूलों का अस्तित्व बचेगा।
महापालिका स्कूलों में मुख्य रूप से गरीब, मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ देकर शिक्षा व्यवस्था में शामिल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। खासदार प्रतिभा धानोरकर ने मांग की है कि महानगरपालिका इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करे और इसे तुरंत लागू करे।
इस मांग से शहर में सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। अभिभावकों की ओर से इस कदम का खुलकर स्वागत किया जा रहा है। यह कदम न केवल शिक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों को पुनर्जीवित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह महाराष्ट्र में एक मिसाल बन सकता है, जहां सरकारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे नवाचारी कदम उठाए जा सकें।
