महाघोटाला: राहुल गांधी का धमाकेदार आरोप – "हरियाणा में चुनाव नहीं, लोकतंत्र की डकैती हुई!"

 ⚫ हरियाणा 'महाघोटाला': राहुल का आरोप - "चुनाव नहीं, लोकतंत्र की डकैती!"


नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज गुरु नानक जयंती के पावन अवसर पर एक ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय साबित हो सकती है। "यह चुनाव नहीं था, यह लोकतंत्र की डकैती थी," गांधी ने ठहराव भरी आवाज में कहा, जबकि उनके चेहरे पर गुस्सा और दृढ़ता की मिश्रित भावना झलक रही थी। उनका दावा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनादेश को संगठित तरीके से चुराया गया, और इसके पीछे भाजपा, चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार की सांठगांठ थी। "मैं आज केवल 1% नहीं, 100% सच्चाई लेकर आया हूं," उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कहा, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर वोट चोरी के गंभीर आरोपों से भरी हुई थी।

कांग्रेस का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा पैटर्न देखा गया। कर्नाटक के महादेवपुरा, आंध्र प्रदेश के आलंद तथा महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजुरा विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। लेकिन हरियाणा में तो "पूरा सिस्टम ही हाइजैक कर लिया गया," जैसा कि राहुल गांधी ने शब्दों में बयां किया। यह आरोप न केवल हरियाणा तक सीमित हैं, बल्कि बिहार जैसे अन्य राज्यों में भी शुरुआती सबूत मिले हैं, जहां एक गांव से 187 वोटरों के नाम हटा दिए गए।


 एग्जिट पोल की भविष्यवाणी उलट, 22,000 वोटों का जादू!

चुनाव से पहले सभी एग्जिट पोल एक ही राग अलाप रहे थे – कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत। प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने कांग्रेस को 58 से 62 सीटें दिलाईं, जबकि भाजपा को मुश्किल से 20 से 28 सीटें। ग्राउंड रिपोर्ट्स और सर्वे भी यही कहानी बुन रहे थे। लेकिन 5 अक्टूबर को आए नतीजों ने सबको हैरान कर दिया – कांग्रेस 22,000 वोटों के बेहद संकरे अंतर से हार गई। कुल वोटों का अंतर महज 1.18 लाख रहा।

राहुल गांधी ने सवाल दागा, "जब हर सर्वे, हर पोल, हर ग्राउंड रिपोर्ट कांग्रेस की जीत बता रही थी – तब ऐसा क्या हुआ कि नतीजे उलट गए?" उनका इशारा साफ था – एक सुनियोजित साजिश की ओर।


 'ब्राजीलियन मॉडल' का डरावना चेहरा: एक फोटो, 22 वोट!

प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चौंकाने वाला मोमेंट तब आया जब राहुल गांधी ने एक ब्राजील की मॉडल की तस्वीर स्क्रीन पर चढ़ाई। दावा? यह तस्वीर हरियाणा की वोटर लिस्ट में 22 बार इस्तेमाल हुई! वही महिला 10 अलग-अलग बूथों पर अलग-अलग नामों से वोटर बनी – सीमा, स्वीटी, सरस्वती, विमला...। "यह स्थानीय स्तर का फ्रॉड नहीं, बल्कि केंद्र से निर्देशित सेंट्रलाइज्ड वोटिंग सिस्टम है," गांधी ने कहा। यह 'ब्राजीलियन मॉडल' नामक तकनीक का इस्तेमाल दर्शाता है, जहां फर्जी पहचानें बड़े पैमाने पर बनाई जाती हैं।


 25 लाख फर्जी वोट: हर 8वां वोटर नकली!

आंकड़ों की 'सर्जरी' करते हुए राहुल गांधी ने हरियाणा के 2 करोड़ वोटरों में से फर्जीवाड़े का खुलासा किया। कांग्रेस की जांच में पाया गया:
  • - 5.21 लाख डुप्लीकेट वोटर,
  • - 93 हजार अमान्य पते (इनवैलिड एड्रेस),
  • - 19 लाख बल्क वोटर (एक ही पते से बल्क अपलोड),
  • - 7-10 लाख फॉर्म-6 और फॉर्म-सी का दुरुपयोग (चुनाव आयोग ने डेटा छिपाया)।

कुल मिलाकर कम से कम 25 लाख फर्जी वोट – यानी हर 8वां वोटर नकली! "12.5% वोट चोरी – यह चुनाव नहीं, अपराध है," गांधी ने चेतावनी दी।


 एक चेहरा, सैकड़ों आईडी: चुनाव आयोग की चुप्पी क्यों?

और सबूतों का सिलसिला रुका नहीं। एक महिला की तस्वीर 223 बार अलग-अलग वोटर आईडी में मिली। एक व्यक्ति को 14 बार वोट डालने का 'अधिकार'! कई जगह 80 साल के बुजुर्ग का चेहरा 30 साल की महिला के नाम से जुड़ा। राहुल ने तंज कसा, "समान तस्वीरें हटाने में चुनाव आयोग को 2 मिनट लगते – लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। क्यों? क्योंकि वो भाजपा की मदद कर रहा है।"


 'हाउस नंबर जीरो': भूत वोटरों की फौज

चुनाव आयोग की लिस्ट में "हाउस नंबर 0" वाले हजारों वोटर दर्ज हैं। इनका कोई असली पता नहीं – ये "भूत वोटर" हैं, जिन्हें ट्रेस करना असंभव। जांच में खुलासा हुआ कि कई ऐसे वोटर भाजपा से जुड़े नेता या कार्यकर्ता हैं। "ये अदृश्य वोटर लोकतंत्र को खोखला कर रहे हैं," गांधी ने कहा।


 दो राज्यों में दो वोट: भाजपा नेताओं का डबल गेम

राहुल ने प्रमाणिक दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि भाजपा सरपंच दलचंद यूपी और हरियाणा दोनों जगह वोटर हैं। इसी तरह, मथुरा के भाजपा नेता प्रह्लाद भी दो राज्यों में वोट डालते हैं। पिता का नाम बदलकर नई आईडी बनाने की चाल भी उजागर हुई – एक व्यक्ति, दो वोट!


 असली वोटरों का सफाया: 3.5 लाख नाम काटे गए

फर्जी जोड़ने के साथ-साथ असली वोटरों को लिस्ट से हटाया भी गया। हरियाणा में 3.5 लाख वोटर गायब – ज्यादातर कांग्रेस समर्थक या अल्पसंख्यक समुदाय से। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने पीड़ितों के वीडियो दिखाए, जहां एक वोटर रोते हुए कहता है, "लोकसभा में हमने वोट दिया, लेकिन विधानसभा में नाम कट गया।"


 निष्कर्ष: 'सेंट्रल सिस्टम ऑफ वोट थेफ्ट' – लोकतंत्र की हत्या!

राहुल गांधी ने इसे "औद्योगिक पैमाने पर लोकतंत्र की हत्या" करार दिया। "अब सरकारें जनता नहीं, सॉफ्टवेयर बना रही हैं," उन्होंने व्यंग्य किया। यह मॉडल हर राज्य में फैल सकता है। युवाओं से अपील की – "शांति, सत्य और अहिंसा के रास्ते पर लोकतंत्र को बचाओ।"

यह मामला सिर्फ हरियाणा या कांग्रेस-भाजपा का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय लोकतंत्र का है। राहुल के आरोप अगर साबित हुए, तो यह सबसे गहरी चोट होगी। सवाल वही है – क्या जनता का वोट अब मायने रखता है? या हम 'जनतंत्र' से 'डेटा तंत्र' की ओर बढ़ रहे हैं? कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया है, जबकि भाजपा ने आरोपों को "बेबुनियाद" बताया। लेकिन सच्चाई का इंतजार अब अदालतों और जांच एजेंसियों को करना होगा। लोकतंत्र की इस जंग में, जनता ही अंतिम निर्णायक बनेगी।
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