पत्रकारों को धमकाने वालों को सीधे जेल की हवा; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का सख्त चेतावनी
मुंबई 23 जून 2026 : राज्य में पत्रकारों को धमकाने, मारपीट करने या उनके काम में बाधा डालने की घटनाओं पर महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को अब सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
लोकशाही पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार और मीडिया चौथा स्तंभ हैं। वे समाज की समस्याओं, जनसामान्य की आवाज और सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। इसलिए पत्रकारों पर हमला, उन्हें धमकाना या दबाव डालना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि समूची लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “हम लोकतंत्र पर होने वाले किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
दोषियों को कोई माफी नहीं
मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा कि पत्रकारों को निर्भय होकर काम करने का माहौल मिले और उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए, इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पत्रकारों को धमकाना लोकतंत्र को चुनौती देने के बराबर है। ऐसे किसी भी कृत्य में शामिल व्यक्ति को किसी भी सूरत में माफी नहीं दी जाएगी।
राजनीतिक या सामाजिक दबाव के बावजूद दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन को सख्त निर्देश
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए:
- - पत्रकारों को धमकाने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई हो।
- - संबंधित आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
- - ऐसे मामलों की सुनवाई तेज गति से पूरी की जाए।
- - पत्रकार संरक्षण कानून की प्रभावी और सख्ती से अमल किया जाए।
- - पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र विकसित किया जाए।
पत्रकार संगठनों का स्वागत
मुख्यमंत्री की इस सख्त और स्पष्ट भूमिका का पत्रकार संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। उन्होंने पत्रकार संरक्षण कानून को और अधिक मजबूती से लागू करने की मांग दोहराई है।
नोट: मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य में बढ़ती पत्रकार विरोधी घटनाओं के बीच आया है, जिससे पत्रकार समुदाय में सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर नई उम्मीद जगी है।
