⚫ चंद्रपुर सीवरेज परियोजना में बड़े अनियमितताओं का सनसनीखेज खुलासा!
⚫ बाल मजदूरी, घटिया निर्माण और लापरवाही के आरोप, राजवीर यादव ने मांगी उच्चस्तरीय जांच!
चंद्रपुर, 22 जून: विकास के नाम पर जनता के पैसे की बर्बादी और बच्चों का शोषण! चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र के बाबूपेठ (प्रभाग 13), लालपेठ (प्रभाग 16) और इंग्लाजभवानी (प्रभाग 17) में चल रही सीवरेज पाइपलाइन परियोजना में कथित अनियमितताओं, निम्नस्तरीय निर्माण, सुरक्षा की घोर लापरवाही और बाल मजदूरी के गंभीर आरोप लगे हैं।
समाजसेवक राजवीर यादव ने इन गंभीर अनियमितताओं को उजागर करते हुए प्रशासन से तुरंत उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार कंपनी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की मिलीभगत से पूरे क्षेत्र को नरक बना दिया गया है।
महीनों से सड़कें खोदी हुई, सुरक्षा का नामोनिशान नहीं
राजवीर यादव ने बताया कि कई जगहों पर सड़कें खोदकर महीनों से अधूरी छोड़ दी गई हैं। आम नागरिकों, स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ज्यादातर जगहों पर न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। दुर्घटना किसी भी समय हो सकती है।
परियोजना के दौरान नगर निगम की नालियों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। उपयोग की जा रही सामग्री और तकनीक पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बाल मजदूरी का आरोप, साक्ष्य तैयार
राजवीर यादव ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीवरेज कार्य में 14 से 17 वर्ष के नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। उनके पास इसकी पुष्टि करने वाले वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य ठोस साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आरोप सही साबित हुआ तो यह न सिर्फ श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि बाल अधिकारों का सीधा अपमान भी है।
उन्होंने साफ कहा, “सभी साक्ष्य हम जिला प्रशासन, श्रम विभाग, महानगरपालिका और पुलिस को सौंपने को तैयार हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
प्रमुख मांगें
- सीवरेज परियोजना के समस्त कार्यों की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
- थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
- बाल मजदूरी के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
- दोषी ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
- परियोजना की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
- अधूरे पड़े कामों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
राजवीर यादव ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता तो हम प्रभावित नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। विकास के नाम पर जनता की सुरक्षा, सरकारी धन की बर्बादी और बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

