चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस के आंतरिक संघर्ष पर आखिरकार विराम लग गया है। पिछले कई दिनों से आमने-सामने खड़े विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के दोनों गुट अब एक साथ आ गए हैं।
नागपुर के विभागीय आयुक्त कार्यालय में आज कांग्रेस के सभी 27 नगरसेवकों ने एकजुट होकर आधिकारिक गुट पंजीकरण कराया। खास बात यह है कि गुटों के बीच मतभेदों के कारण पहले यह पंजीकरण अटका हुआ था, लेकिन दिल्ली हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद सफलतापूर्वक विवाद सुलझा लिया गया।
नए गुट के नेता के रूप में विजय वडेट्टीवार के समर्थक राजेश अडूर को चुना गया है। सूत्रों के अनुसार, महापौर पद धानोरकर गुट को और उपमहापौर पद वडेट्टीवार गुट को मिलने का फॉर्मूला तय हुआ है। इससे अब चंद्रपूर महानगरपालिका पर कांग्रेस का झंडा फहराने का रास्ता साफ हो गया है।
दिल्ली हाईकमान की मध्यस्थता से दोनों नेताओं के बीच लिखित समझौता हुआ, जिसके तहत पार्टी की एकजुटता सुनिश्चित की गई। कांग्रेस के 27 नगरसेवक अब एक साथ काम करेंगे, जिससे पार्टी को महापौर चुनाव में मजबूत स्थिति मिलेगी। महापौर चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, और इस समझौते से कांग्रेस को बहुमत जुटाने में आसानी होगी।
यह घटनाक्रम चंद्रपूर की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया है, जहां कांग्रेस अब मजबूती से सत्ता पर काबिज होने की ओर अग्रसर दिख रही है।


