महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन, प्रतिभा धानोरकर ने दी भावुक श्रद्धांजली!

⚫ महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन, प्रतिभा धानोरकर ने दी भावुक श्रद्धांजली!



मुंबई/बारामती, 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिग्गज नेता **अजित पवार** (अजितदादा) का बुधवार सुबह बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें अजित पवार, उनके निजी सहायक, सुरक्षा कर्मी और पायलट शामिल थे। विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया और आग लगने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

यह खबर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद दुखद है। अजित पवार को 'दादा' के नाम से जाना जाता था। वे प्रशासनिक अनुशासन, जनसेवा और गरीब-शोषित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रसिद्ध थे। महाराष्ट्र के सहकारिता क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने दशकों तक राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई बार उपमुख्यमंत्री रहे। उनकी अचानक मौजूदगी राज्य के राजनीतिक पटल पर गहरी खाई छोड़ गई है।


चंद्रपूर-वणी-आर्णी लोकसभा क्षेत्र की सांसद **प्रतिभा धानोरकर** ने अजित पवार के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने एक भावुक संदेश में लिखा:

"आज मन अतिशय विषण्ण हो गया है। महाराष्ट्र की राजनीति में एक धडाडीचे व्यक्तिमत्त्व और मेरे व्यक्तिगत जीवन में बड़े भाई जैसा आधार देने वाले अजितदादा अचानक हमसे दूर हो जाएंगे, यह कल्पना भी नहीं कर सकती। उनके जाने से राज्य की राजनीति में बड़ी खालीपन पैदा हो गई है और हमारे परिवार को कभी भर न पाने वाला व्यक्तिगत नुकसान हुआ है।

मेरे पति, दिवंगत सांसद बाळू धानोरकर जब दिल्ली में गंभीर रूप से बीमार थे, वह समय हमारे पूरे परिवार के लिए बेहद कठिन था। जैसे ही खबर मिली, अजितदादा ने राजनीति से ऊपर उठकर रक्त संबंध की तरह मदद की। उन्होंने बिना देर किए अपने सहायकों को दिल्ली भेजा और एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। उस संकट में मिला 'हक का भाई' जैसा सहारा मैं कभी नहीं भूल सकती।

अजितदादा सिर्फ अनुशासित प्रशासक नहीं थे, बल्कि रिश्ते निभाने वाले संवेदनशील इंसान थे।"


प्रतिभा धानोरकर ने आगे कहा कि सांसद के निधन के बाद भी अजितदादा शोक में शामिल होने घर आए। मुंबई में मिलने पर वे राजनीतिक चर्चा से ज्यादा परिवार की सेहत, बच्चों की पढ़ाई की फिक्र करते थे। कोरोना काल में भी वे लगातार संपर्क में रहकर मार्गदर्शन देते रहे।

उन्होंने लिखा, "दादा के जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक तूफान शांत हो गया है। उनकी पवित्र स्मृति को भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित करती हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके परिवार और लाखों कार्यकर्ताओं को यह दुख सहने की शक्ति मिले।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई नेताओं ने भी अजित पवार के निधन पर शोक जताया है। राज्य में तीन दिवसीय शोक घोषित किया गया है। बारामती में बंद का ऐलान है और जांच चल रही है।

अजित पवार की विरासत महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक जीवित रहेगी।
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