चंद्रपूर पुलिस की कथित लापरवाही: बिना पहचान के शव को लावारिस मानकर किया दफन
चंद्रपूर/बल्लारशाह : बल्लारशाह निवासी शकील जब्बार शेख की चंद्रपूर बस स्टैंड पर अचानक हुई मौत के बाद पुलिस द्वारा बिना उचित पहचान प्रक्रिया अपनाए उनके शव को लावारिस घोषित कर दफन किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण:
२१ मई २०२६ को शकील जब्बार शेख चंद्रपूर बस स्टैंड से नागरी हिंगणघाट जाने के लिए पहुंचे थे। बस स्टैंड परिसर में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शव की पहचान के लिए न्यूनतम प्रयास नहीं किए। न तो शव की फोटो सार्वजनिक की गई, न स्थानीय लोगों या बस स्टैंड के कर्मचारियों से पूछताछ की गई और न ही कोई अन्य सत्यापन प्रक्रिया (जैसे DNA सैंपलिंग) अपनाई गई। इसके बाद २२ मई २०२६ को शव को लावारिस मानकर दफन कर दिया गया।
परिवार की तलाश:
इसी दौरान शकील का परिवार उन्हें ढूंढ रहा था। २३ मई को बल्लारशाह पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद जब परिजन चंद्रपूर पहुंचे, तब एक स्थानीय ऑटो चालक ने उन्हें बताया कि जिस व्यक्ति की तलाश वह कर रहे हैं, उनकी लाश को पहले ही लावारिस घोषित कर दफन कर दिया गया है।
आज की घटनाक्रम:
आज २४ मई २०२६ को मरहूम शकील जब्बार शेख का शव कब्र से निकालकर पठानपुरा कब्रिस्तान में धार्मिक रीतिरिवाजों के साथ दोबारा दफनाया जा रहा है।
शव पहचान की मानक प्रक्रिया:
- भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा १७४ (अब BNSS की समकक्ष धारा) और विभिन्न राज्य पुलिस मैनुअल के अनुसार, लावारिस/अज्ञात शव मिलने पर पुलिस को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
- शव की विभिन्न कोणों से फोटोग्राफ लेना (चेहरा और पहचान चिह्न स्पष्ट रूप से)
- शव पर मौजूद कपड़ों, सामान, टैटू, निशान आदि का विवरण दर्ज करना
- स्थानीय लोगों, गवाहों से पूछताछ
- फोटो और विवरण को समाचार पत्रों, पुलिस गजट, सोशल मीडिया और महाराष्ट्र पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर जारी करना
- गुमशुदगी रिपोर्ट्स से मिलान
- आवश्यकता पड़ने पर फिंगरप्रिंट, DNA सैंपलिंग आदि फॉरेंसिक जांच
परिवार और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
सवाल:
यह मामला पुलिस द्वारा शव प्रबंधन और पहचान निर्धारण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है। क्या किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उचित पहचान और परिवार को सूचित करने की बुनियादी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है?
चंद्रपूर जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
